Thursday, 31 May 2018

तनहा लड़कियों औरतों की खुशियाँ

तनहा लड़कियों औरतों की खुशियाँ




दोस्तो, मैं एक बार फिर से आपके सामने अपनी एक और दास्ताँ लेकर हाजिर हूँ।
मेरी पिछली कहानी ‘जब कंडोम फट गया‘ को आप लोगों ने बहुत पसंद किया और मुझे बहुत सारे ईमेल भेजे।
उम्मीद है आपको मेरी यह कहानी भी पसंद आएगी।
कहानी इस तरह शुरू होती है।
मोहिनी की चुदाई के बाद मैं और मोहिनी अक्सर चुदाई करते थे जिससे उसका अकेलापन दूर हो गया और मेरी कमाई होने लगी।
2 महीने बाद मेरा बारहवीं का परिणाम आ गया।
मैं आगे पढ़ना चाहता था लेकिन घर के हालात ठीक न होने के कारण मैं कॉलेज में दाखिला नहीं ले पाया।
मैंने अपने लिए कोई नौकरी ढूंढना शुरू कर दिया जिसके कारण मैं मोहिनी को ज्यादा समय नहीं दे पाता था।
एक दिन मुझे परेशान देखकर मोहिनी ने मुझसे पूछा तो मैंने बताया कि घर की तंगी के कारण मैं परेशान हूँ, नौकरी तलाश रहा हूँ लेकिन कुछ नहीं हो रहा।
तो मोहिनी ने कहा- तुम जब इतनी बढ़िया चुदाई कर सकते हो तो तुम्हें नौकरी की क्या जरूरत है।
मैंने कहा- मैं कुछ समझा नहीं।
तो मोहिनी ने कहा- जैसे तुम मुझे चोदते हो, दूसरी भाभियों की चुदाई करो और पैसा कमाओ। इससे तुम्हारा घर और पढ़ाई दोनों पटरी पे आ जायेंगे।
मैंने कहा- लेकिन मैं तो सिर्फ आप को ही जानता हूँ, मुझसे कौन चुदाई करवाएगी?
तो मोहिनी कहा- तुम फ़िक्र न करो… मेरी कुछ सहेलियाँ हैं जो तुमसे बहुत खुश होंगी। जहाँ मैं कहूँ वहाँ जाना और उनको खुश करके पैसे कमाओ।
घर जाकर मैं मोहिनी के फ़ोन का इन्तजार करने लगा।
उसी शाम को मोहिनी का एक मैसेज आया जिसमे एक लड़की का नाम और पता लिखा हुआ था।
उसके बाद मोहिनी का फ़ोन आया और कहा- ठीक 10 बजे पहुँच जाना और जाने से पहले मालिश करने के 2-4 वीडियो देख लो और सीख लो, जरूरत पड़ सकती है।
मैंने तुरंत यू टयूब पर 3-4 वीडियो देखी और रात का इन्तजार करने लगा।
ठीक 9 बजे मैं अपने घर से यह कहकर निकला कि मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रहा हूँ और रात को वहीं पर रुकूँगा।
मुझे चाणक्यपुरी, दिल्ली जाना था जो मेरे घर से करीब 30 किलो मीटर दूर था।
मैं पते पर समय से पहुँच गया।
मैंने जैसे ही डोर बैल बजाई तो एक 32-33 साल की महिला ने दरवाजा खोला।
मैंने उनसे पूछा- मुझे सीमा जी से मिलना है, मुझे मोहिनी जी ने भेजा है।
तो उसने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और कहा- अन्दर आ जाओ, मैं ही सीमा हूँ।
और वो मुझे अंदर लेकर गई।
सीमा बहुत अमीर थी, उसका घर बहुत आलीशान था। सीमा का बदन भरा हुआ था और साइज़ करीब 36-28-36 लग रहा था।
उसने नाइटी पहन रखी थी।
उसने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर आई।
फिर सीमा ने मुझसे पूछा- तुम तो अभी कच्ची उम्र के हो, तुम मुझे खुश कर पाओगे क्या?
तो मैंने कहा- अभी थोड़ी देर में आपको पता चल जाएगा।
सीमा ने हंसते हुए कहा- चलो देखते हैं कि कितना दम है तुम्हारे हथियार में।
फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अंदर कमरे में लेकर गई और एक झटके में अपनी नाइटी उतार कर फेंक दी।
मैं उसके गोल गोल मम्मे और चिकनी गोरी जांघें को देखता रह गया।
वो तेल की बोतल मेरे हाथ में थमाकर उलटी होकर बैड पर लेट गई।
इशारा मिलते मैं अपने काम पे लग गया और पैरों से शुरुआत की, पैरों को रगड़ते-2 मैं उसके नितम्बों तक आ गया और उसकी पैंटी के अंदर हाथ डाल कर उसके भारी भारी कूल्हों को मसलने लगा जिससे उसकी सिसकारियाँ निकलने लगी।
फिर मैंने धीरे उसकी पैंटी और ब्रा की डोरी खोलकर उसे निर्वस्त्र कर दिया और पलट दिया।
अब मेरा हाथ उसके भारी भारी चूचियों को मसलने लगा।
उसका पूरा शरीर तेल से भीगा हुआ था।
मेरे हाथों की रगड़ से वो गर्म हो गई और मेरे पैंट के ऊपर से मेरे लौड़े को सहलाने लगी।
मैंने उसका काम आसान करने के लिए अपनी पैंट नीचे गिरा दी।
जैसे ही मेरी पैंट नीचे गिरी, मेरा लंड स्प्रिंग की तरह उछला जिसे देखकर वो भौंचक्की रह गई और कहा- तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है और सख्त भी।
देर न करते हुए मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मैंने सीमा को उसके पैरों की तरफ से उठाकर अपने शरीर से चिपका लिया जिससे उसकी चूत मेरे मुँह के पास और मेरा लंड उसके मुँह के पास, यानि हम 69 पोजीशन में आ गये।
वो मेरे लंड को चूसने लगी और मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदना शुरू कर दिया।
वो मेरे लंड को अपने हलक तक उतारना चाहती थी।
15 मिनट की चुसाई के बाद वो चुदने के लिए मिन्नतें करने लगी- अब देर मत करो… अपने मूसल को मेरी ओखली में डालो।
आज अगर तुमने मुझे खुश कर दिया तो मैं तुम्हें मालामाल कर दूंगी। अब अपना कमाल दिखाओ। मैं रोऊँ या चिल्लाऊँ तुम मत रुकना।
‘अब तुम अपनी मर्दानगी साबित करो !’ उसने कहा।
मैंने उसे बेड पर उल्टा पटक दिया और अपना लंड उसकी चूत से सटा कर धीरे धीरे अपना लिंगमुंड उसकी चूत में घुसा दिया जिससे वो छटपटाने लगी लेकिन कमर को कसके पकड़ा और लगातार 2-3 झटकों में अपना पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया।
इससे वो मछली की तरह तड़पने लगी लेकिन मैंने अपनी रफ़्तार जारी रखी और दनादन झटके पे झटका मारने लगा।
30-35 झटकों के बाद उसकी दर्द भरी सिसकारियाँ मीठी होने लगी वो जोर जोर से अपनी कमर को उछालने लगी।
अभी चुदाई को करीब 5-6 मिनट ही हुए होंगे कि उसने अपना पानी छोड़ दिया।
मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत के पानी से भीग गया था।
मैंने अपना लण्ड उसकी चूत से निकालकर उसके मुँह में दे दिया।
वो बड़े मजे से मेरे लौड़े को चूस रही थी।
दस मिनट के बाद मैं उसके नीचे आ गया और वो मेरे लंड को अपनी चूत में डाल कर ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी- चोदो मेरे राजा… और जोर से चोदो।
‘आज तुमने खरीद लिया… अब पता चला कि मोहिनी तुम्हारी इतनी तारीफ़ क्यों कर रही थी!’ वो सिसकारते हुए कहने लगी।
मैंने नीचे से झटके मारना शुरू कर दिया।
पूरा कमरा उसकी सिसकारियों और पट पट की आवाज़ से भर गया था।
15 मिनट के बाद वो थकने लगी तो मैंने उसे घुटनों के बल बिठाकर घोड़ी बना दिया और पीछे से पेलना शुरू कर दिया।
हमारी चुदाई को करीब 20 मिनट हो गए थे, मेरा लण्ड अब झड़ने वाला ही था तो वो मेरे कहने पर वो मेरा लण्ड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और मेरा सारा पानी पी गई।
हम दोनों बुरी तरह थक चुके थे, हम दोनों बेड पर लेट गए और बातें करने लगे।
वो कहने लगी- जब तुम इस उम्र में लड़की के छक्के छुड़ा देते हो तो जवान होकर क्या करोगे।
तो मैंने कहा- जो अब कर रहा हूँ। मेरा काम आप जैसी अकेली और तनहा लड़कियों और औरतों को खुशियाँ बाँटना है जो मैं आगे भी करता रहूँगा।
उसके बाद हम दोनों साथ में नहाये और रात भर चुदाई करते रहे, अलग अलग अंदाज़ में हमने 4-5 बार चुदाई करी।
सुबह ब्रेकफास्ट के बाद जब मैं वहाँ से लौटने लगा तो उसने मुझे एक लिफ़ाफ़ा दिया जिसमें 5000 रूपये थे और कहा- अब तुम्हारे दिन बदलने वाले हैं।
उसके बाद एक लंबे से चुम्बन के बाद मैं वहाँ से चला आया।
उसके बाद मैंने मोहिनी और और सीमा को कई बार चोदा और सीमा ने अपनी कई सहेलियों को भी चुदवाया।
हर चुदाई के बाद वो मुझे पैसे देती।
तो दोस्तो, यह है मेरे सफ़र की दूसरी कहानी।
अगर आप अकेली है और किसी के साथ वक़्त बिताना चाहती है तो मुझे ईमेल जरूर करिये।
एक नई कहानी के साथ मैं फिर लौटूँगा।

नाईट शिफ्ट में गांड मरवाने का मजा

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम राहुल है, मेरी हिंदी गे कहानी आपके लिए पेश कर रहा हूँ.
मैं गुडगांव में एक प्राइवेट कंपनी में कैब चलाता हूं.. जिधर मेरी नाइट शिफ्ट रहती है. इस वक्त मेरी उम्र 28 साल है. मैं अक्सर अपनी गांड और छाती के बाल साफ़ करता रहता हूं. मैंने आज तक चार आदमियों के लंड अपनी गांड में लिए हैं और कम से कम 10 आदमियों का लंड चूस भी चुका हूं.
मैं नाइट शिफ्ट होने के कारण अक्सर अपने स्टाफ को आनंद विहार छोड़कर आता था और वहां से वापस आने में मेरे को दो तीन जो गुड़गांव सवारी मिल जाती हैं, मैं उनको लेकर आता था.
एक दिन की बात है, सर्दियों का टाइम था. मैं अपने स्टॉप को छोड़कर अन्दर बस स्टॉप पर गया, वहां एक चाय वाला बैठा हुआ था. मैंने चाय पी और वहीं इंतजार में बैठ गया. कुछ देर बाद कोई 40-45 साल का आदमी मेरे पास आया.
वो बोला- बेटा… गुडगांव चलोगे?
मैंने कहा- हां अंकल जी बैठिए.
वो बोले- सर्दी बहुत हो गई है.
मैंने कहा- हां अंकल आज बहुत सर्दी है.
वे अगली वाली सीट पर गाड़ी में बैठ गए. कुछ देर रुकने के बाद दो तीन आदमी और आकर गाड़ी में बैठ गए. फिर अंकल बोले- चल बेटा.
मैंने कहा- हां, बस चलते हैं.
फिर हम चल पड़े.
अंकल मेरे से बात करने लगे और उन्होंने पूछा- क्या आप अक्सर इस स्टॉप पर आते हैं?
मैंने कहा- हां हफ्ते में दो या तीन बार तो आता ही हूं.
पीछे से एक आदमी बोला- बस भैया यहीं रोक दो.
मैंने गाड़ी साइड में लगा दी और वह भैया उतरा और किराया देकर चला गया. मैं लाजपत नगर चौक आया तो वहां बाक़ी की दोनों सवारी भी उतर गईं.
अब मैं और अंकल अकेले ही रह गए थे. हम दोनों बात करने लगे.
अंकल ने पूछा- दिल्ली में इतनी सर्दी ही होती है क्या?
मैंने कहा- हां अंकल.
इस तरह हम बात करते हुए चले जा रहे थे. इसी बीच अंकल का हाथ मेरी जांघों पर आया.
वे बोले- बेटा फोन में देखूँ, टाइम क्या हुआ है?
फोन मेरी टांगों के बीच में रखा था. अंकल ने फोन उठाने के बहाने मेरे लंड को स्पर्श किया और फोन में टाइम देख कर वापस रखने लगे और बोले- क्या बारिश हो रही है जो फोन टांगों के बीच में रखता है.
ये कह कर अंकल ने मेरे लंड को दोबारा स्पर्श किया. मेरा लंड उस टाइम पर सो रहा था और मुझे मालूम ही नहीं था कि वह क्या करने वाले हैं.
अंकल ने पूछा- अक्सर लड़कियां कैब में आती हैं?
मैंने कहा- नहीं, हमारे ऑफिस में लड़कियां डे शिफ्ट करती हैं और मैं नाइट में गाड़ी चलाता हूं.
इस पर अंकल हंसने लगे. उन्होंने मेरी जांघों पर हाथ रख दिया और मेरी जाँघों को सहलाने लगे. फिर मुझे महसूस हुआ कि अंकल मेरे लंड को ढूंढ रहे हैं. मेरा लंड सो रहा था.
अंकल पूछने लगे- फिर बेटा सर्दी में काम कैसे चलता है?
मैंने कहा- बस ऐसे ही चल जाता है.
बोले- अच्छा ठीक है.
अंकल मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगे, मेरा लंड खड़ा हो गया था और मुझे मजा आने लगा.
उसके बाद अंकल ने पूछा- मजा आ रहा है?
मैंने कहा- जो मजा गांड देने में है, वो लेने में कहां है अंकल.
अब बात खुल गई थी.
अंकल बोले- आपकी शादी हो गई?
मैंने कहा- नहीं..
अंकल चुप रहे.
उसके बाद मैंने पूछा- अंकल आपकी हो गई है ना?
बोले- हां मेरी शादी को 5 साल हो गए हैं, मैंने लेट शादी की थी. मैं अक्सर घर से दूर ही रहता हूं. मैं गुडगांव मानेसर में जॉब करता हूं. एक प्राइवेट कंपनी है, मैं वहीं फ्लैट में ही रहता हूं.
उसके बाद अंकल मेरे लंड को दबा रहे थे. उन्होंने मेरा एक हाथ अपने लंड को स्पर्श करवाया, उनका लंड काफी मोटा और लंबा था.
उन्होंने पूछा- गांड मारते हो?
मैंने कहा- नहीं गांड मरवाता हूं.
अंकल- मुझे आप पर शक तो वहीं चाय वाले के पास हो गया, जब मैंने आपकी गांड देखी थी.
अब अंकल ने मेरी पैंट का हुक खोल दिया और हाथ पीछे ले जा कर मेरी गांड को दबाने लगे. फिर अपनी पैंट का हुक खोल कर लंड बाहर निकाल लिया और लंड को सहलाने लगे. मेरे शरीर में एक करंट से दौड़ गया. उनके स्पर्श से मैं गरम हो रहा था. तभी उन्होंने मेरा एक हाथ अपने लंड पर रखवा दिया. मैं उनके लंड को हिलाने लगा, मेरे हाथ में उनका लंड आ गया था, जो काफी मोटा और तगड़ा था. उनका लंड इस वक्त बड़ा टाइट हो रहा था.
उसके बाद वह बोले- लंड चूसता भी है?
मैंने हां में सिर हिला दिया. अंकल बोले- तो गाड़ी साइड में लगा लो.
मैंने जगह देखकर गाड़ी साइड में लगा ली, वहां रोड की लाइट नहीं चल रही थी.. अँधेरा सा था, जिससे हमें कोई देख नहीं सकता.
उसके बाद उन्होंने मेरा सिर पकड़ा और अपने लंड पर टिका दिया. वह सीधे बैठे रहे ताकि किसी को हम पर शक ना हो. उसके बाद मैंने उनका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा. मैं अंकल का लंड चूस रहा था और वह गर्म बातें कर रहे थे.
अंकल- हां मेरी रानी, लंड चूस ले.. बहुत दिन हो गए.. किसी से नहीं चुसवाया है.
मुझे डर था कि कहीं पुलिस वाला ना आ जाए. इसलिए मैंने अपना मुँह हटा लिया.
अंकल बोले- क्या हुआ?
मैंने कहा- यहां सेफ नहीं है.
अंकल बोले- ओके चलो मेरे फ्लैट पर चलोगे?
मैं कुछ नहीं बोला.
उन्होंने कहा- मुझ पर विश्वास करो मेरे फ्लैट में मैं अकेला रहता हूं.
मैंने कहा- ठीक है चलो.
अंकल बोले- मैं अब गाड़ी चला लूंगा.
वह मेरी सीट पर आ गए और गाड़ी चलाने लगे. मैं अंकल का लंड सहलाते हुए उनको मजा देने लगा.
इसके बाद हम दोनों चल पड़े. उन्होंने अपना लंड फिर से निकाला और मेरा मुँह उस पर टिका दिया. उसके बाद मैं उनके लंड को चूसता जा रहा था और वह गाड़ी चला रहे थे. सर्दी की धुंध के कारण अंकल आराम से गाड़ी चला रहे थे और मैं उनके लंड को चूस रहा था.
कोई 15 मिनट लंड चूसने के बाद उन्होंने मेरा सिर जोर से दबा दिया और उनके लंड का गरम मावा मेरे मुँह में आ गया था. मैं अंकल के लंड का रस गटक गया और उनके लंड को चाट चाट कर साफ कर दिया.
अंकल बोले- मजा आया?
मैंने कहा- हां बहुत मजा आया.. बहुत दिन में मावा खाया है.
वह बोले- हां, मैंने भी बहुत दिन में लंड चुसवाया है.
उसके बाद उन्होंने अपना पेंट का हुक बंद किया और हमने फिर से सीट बदल ली.
अब मैं गाड़ी चला रहा था. तभी मेरी कंपनी से फोन आया कि कब तक आओगे. मैंने कहा कि अब तो नहीं आ सकता, धुंध बहुत ज्यादा है. उधर से बोला गया कि ठीक है सुबह गाड़ी कंपनी में छोड़ देना.
उसके बाद मैंने गाड़ी तेज चलाई और अंकल के घर की तरफ चल दिया. वह मेरी पैंट का हुक खोल कर मेरी गांड को दबा रहे थे, जिससे मैं अधिक से अधिक गरम हो जाऊं. उन्होंने मेरे को ऊपर उठने के लिए बोला. मैं ऊपर को उठकर थोड़ा सा टेढ़ा हो गया, जिससे मेरी गांड उनकी तरफ हो गई. उसके बाद वो मेरे गांड के गट्टे को स्पर्श करने लगे, जिससे पूरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया. वह मेरी गांड में उंगली डालने लगे. उनके जोर लगाने पर उनका आधी उंगली मेरी गांड में चली गई. मुझे थोड़ा दर्द हुआ.
मैंने कहा- थोड़ा गीला कर लो.
उन्होंने अपनी उंगली मेरे मुँह में दे दी, मैंने अंकल की उंगली चाटकर गीली कर दी. उसके बाद उन्होंने अपनी उंगली मेरी गांड में पेल दी. अब वह मेरी गांड को अपनी उंगली से चोद रहे थे.
मेरे मुँह से मादक सीत्कार निकल रही थी- आ उम्म्ह… अहह… हय… याह… हा हा हा..
अब मैं जल्दी से जल्दी उनके फ्लैट पर पहुंचना चाहता था. मैं काफी गरम हो गया था. कोई आधे घंटे की ड्राइविंग के बाद हम गुड़गांव पहुंच गए.
मैंने पूछा- कहां चलना है?
उन्होंने बताया कि बस और 4 किलोमीटर चलना है.
फिर उन्होंने अपने घर का रास्ता दिखाया. उन्होंने बोला- आप बस मेरे पीछे पीछे आना.
मैंने कहा- ठीक है.
फिर मैंने अपनी पैंट का हुक बंद किया और हम उनके फ्लैट पर पहुंच गए, जहां वह रहते थे. मैंने गाड़ी साइड में लगाई और उनके साथ चल पड़ा. वह एक बिल्डिंग मे थर्ड फ्लोर के फ्लैट में रहते थे, उन्होंने लॉक खोला, हम अन्दर चले गए. फिर उन्होंने लॉक लगा दिया.
इस वक्त सुबह के 3:30 बज गए थे.
उन्होंने मुझे सोफे पर बिठा दिया और अन्दर चले गए. अन्दर से वह गिलास पानी लाए. मैंने पानी आधा गिलास रख दिया. फिर उन्होंने पूछा- नहाना है?
मैंने कहा- हां क्यों नहीं.. चलो नहा लेते हैं.
फिर उन्होंने कहा- तुम बाथरूम में चलो, मैं गीजर चला कर आता हूं.
मैंने कहा- ठीक है, पहले चला दो.
वह अन्दर से बाहर आ गए और मेरे पास बैठ गए और पूछने लगे- और बताओ.. कितने लोगों का लंड लिया है?
मैंने कहा- अंकल 4 का लंड लिया है और लंड तो 10-12 का लंड चूस चुका हूं.
अंकल मेरी गांड को चलाने लगे और मुझे किस करने लगे. उन्होंने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए. मैं भी उनका साथ देने लगा और किस करने लगा. कभी वह मेरे मुँह में अपनी जीभ देते, कभी मैं उनके मुँह में अपनी जीभ दे देता. हम दोनों बिल्कुल गर्म हो चुके थे. दस मिनट तक ऐसे ही हम किस करते रहे. वह मेरे कभी गालों को चूसते, कभी होंठों को चूसते, कभी गले पर किस करते. मैं उनके किस से बहुत ज्यादा गर्म हो गया था और मेरी गांड में खुजली होने लगी.
उनका लंड जो पैंट के अन्दर था, मेरी गांड को स्पर्श कर रहा था. मैंने टांगें ऊपर उठा लीं. उसके बाद उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला और मेरे हाथ में दे दिया और मैं अंकल का लंड चूसने लगा. लंड चूसते चूसते मैं भूल ही गया कि यह लंड है लॉलीपॉप नहीं है.
मैंने उनका लंड 15 मिनट एक बिल्कुल पागल रंडी की तरह चूसा. फिर उन्होंने मेरा मुँह अपने लंड से हटाया और मेरे कपड़े उतारने लगे. मैंने भी उनके कपड़े निकाल दिए. मैंने नीचे लड़कियों वाली पेंटी पहन रखी थी, अंकल ने ध्यान से देखा और कहा कि मेरी रानी आज तो मजा ही आ जाएगा.
मैंने कहा- हां मेरे राजा आज तो अपनी इस रंडी को चोद डाल.
वह मेरे नजदीक आए और मुझे फिर से किस करने लगे. मेरी गांड को दबाते हुए बोले- चलो अब साथ साथ नहाते हैं.
हम दोनों नहाने चले गए. फिर अंकल नहाते नहाते मुझे पकड़ा और फिर से मेरी गांड दबा कर मेरे बदन को चूमने लगे.
अंकल बोले- तेरी गांड बड़ी मस्त है. चूतड़ तो बिल्कुल लड़कियों जैसे हैं.
मैंने कहा- अंकल मेरी गांड भी लड़कियों जैसी ही है, तभी तो आप जैसे चोदू मिल जाते हैं और मैं गांड मरवा लेता हूं.
अंकल मेरे को फिर से किस करने लगे. मैं भी उनके लंड को स्पर्श करके दबा रहा था, फिर मैंने अंकल के लंड को चूसना शुरू कर दिया.
काफी देर तक मैं उनके लंड को चूसता रहा. फिर उन्होंने मुझे खड़ा किया. टॉवेल से मेरा शरीर साफ करके मुझे गोद में उठा लिया और अपने बेडरूम में ले गए. उधर अंकल दोबारा से मेरे को किस करने लगे. अब मैं बिल्कुल गरम हो गया था और अब इंतजार कर रहा था कि अंकल कब मेरी गांड लेंगे.
इसी बीच वह मेरी गांड दबा रहे थे और एक उंगली मेरी गांड में कर रहे थे. उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और अपना लंड मेरे गांड के गड्डे पर रख दिया और उसे हिलाने लगे. उनके लंड से मेरे को अजीब महसूस हो रहा था. फिर उन्होंने मेरे गड्डे में अपना लंड डालना स्टार्ट किया. उनका लंड सूखा हुआ था.
अंकल बोले- चूस कर गीला तो कर दो.
उसके बाद वह मेरे सामने आ गए. मैं उनके लंड को चूसने लगा. मुझे मजा आ रहा था, मैं सोच रहा था काश यह लंड मुझे हर एक-दो दिन में मिलता रहे.
फिर अंकल मुझे चोदने के लिए पीछे आ गए. गांड मरवाए काफी दिन हो गए थे तो मेरी गांड बहुत टाइट हो गई थी, जिससे उनका लंड मेरी गांड में नहीं जा रहा था, मैंने कहा- अंकल कोई क्रीम या तेल लगा लो.
उन्होंने साइड से क्रीम की बोतल उठाई और मेरी गांड पर और अपने लंड पर लगा लिया. अब अंकल का लंड मेरी गांड में जाने के लिए बिल्कुल तैयार था.
अंकल ने दोबारा से अपना लंड मेरी गांड पर टिकाया और दबाने लगे. उनके लंड का टोपा मेरी गांड में घुस चुका था. मैं थोड़ा सा आगे हुआ. अंकल ने अपने हाथों से मेरे दोनों कंधे पकड़ लिए और अपने लंड को दबाने लगे. मेरी गांड में मुझे दर्द का एहसास होने लगा और मैं आह आह आह करने लगा.
अंकल ने अब दुबारा से दबाया और उनका पूरा लंड मेरी गांड में घुस चुका था. मुझे काफी दर्द हो रहा था. अंकल उसी पोजीशन में रुक गए. करीब 5 मिनट रुकने के बाद अंकल दुबारा से आगे पीछे होने लगे और मुझे चोदने लगे. मुझे अब दर्द कम होने लगा और मैं भी अंकल का साथ देने लगा.
अंकल धकापेल गांड मारते हुए बोले- आ जा मेरी रंडी.. आज तुझे जी भर कर चोदूंगा..
“हां मेरे राजा आज मुझे जी भर के चोद ले.. आह ऐसा दिन कभी कभी मिलता है.”
अंकल ने स्पीड बढ़ा दी और मुझे चोदने लगे. फक फक की आवाज कमरे में आवाज गूंजने लगी. अंकल काफी देर तक मुझे इसी पोजीशन में चोदते रहे. फिर अंकल ने पोजीशन चेंज की और मेरी दोनों टांगें अपने कंधे पर रख कर फिर से स्टार्ट हो गए.
फच फक फक फच दुबारा से वही आवाजें सुनाई देने लगीं.
अंकल पूछने लगे- मजा आ रहा है मेरी रानी?
“हां आ रहा है…”
मैं सिसकारियां भरने लगा. इसके बाद अंकल मुझे इसी पोजीशन में 20 मिनट तक अविरत चोदते रहे.
अंकल ने दोबारा से स्पीड बढ़ाई तो मुझे लगा शायद अंकल झड़ने वाले हैं.
फिर अंकल बोले- मेरी रानी माल अपने मुँह में लेगा या अपनी गांड में लेगा.
मैंने कहा- जहां मर्जी छोड़ दे मेरे राजा.
उन्होंने मुझे सीधा बिठाया और अपने लंड मेरे मुँह में दे दिया और उनके लंड ने मेरे मुँह में जोरदार लावे की पिचकारी मारी और मैं लंड चाटने लगा. चाटते चाटते रस पी गया. फिर मैंने उनका लंड साफ कर दिया.
वह लेट गए, मैं भी उनके बराबर में जाकर लेट गया- मजा आ गया मेरी रानी!
मैंने कहा- हां मेरे राजा.. आप अपनी इस रंडी को रोज क्यों नहीं चोदना चाहते?
उन्होंने हंसते हुए कहा- मैं तो रोज चोदू दूँ.. तू आ सकती है?
मैंने कहा- हां.. लेकिन मैं सिर्फ नाइट में आ सकता हूं.
वे बोले- दिन में तो मैं भी किसी ना किसी काम में उलझा ही रहता हूं.
उस रात अंकल ने मुझे दो बार और चोदा, फिर मैं सुबह अपने घर चला गया. मेरी गांड में दर्द हो रहा था. मैं घर जाकर सो गया.
अब अगली सेक्स स्टोरी में आपको बताऊंगा कि कैसे अंकल ने मुझे रोज चोदना स्टार्ट कर दिया और मैं रोज चोदने लगा और मैं उनके फ्रेंड से भी चुदवाने लगा.
आपको मेरी हिंदी गे कहानी कैसी लगी. प्लीज रिप्लाई करना.
मेरी ईमेल आईडी है.

वाइफ की चुत चुदाई दो मोटे लंड से

मैं अमन, फिर आपके लिए अपनी वाइफ की रियल कहानी ले कर आया हूँ. मेरी पहली कहानी
बीवी की चुदाई मोटे लंड से करवाई
आप सबने बहुत पसंद की और अभी तक मुझे मेल आ रहे हैं. इसके लिए आप सभी का धन्यवाद.
पहले मैं अपने नए पाठकों को अपने बारे में बता दूँ कि मैं अमन, मेरी वाइफ अनिता 28 साल की है. मेरी वाइफ का साइज़ बड़ा ही मस्त है. उसकी चुचियां 32 इंच की हैं, कमर 26 इंच की और गांड 32 इंच की है. उसकी बॉडी एकदम स्लिम है… उसका कलर मीडियम है. मेरी बीवी में कामवासना बहुत अधिक है.
हम दोनों दिल्ली से हैं. मैं एक प्राइवेट फर्म में जॉब करता हूँ.
यह अभी कुछ दिन पहले की कहानी है. एक दिन मेरी वाइफ मेरे फ्रेंड से चुदवा रही थी तो वो मेरे फ्रेंड से बोली- मुझे 2 लंड एक साथ अपनी चुत में लेने हैं.
तो मेरा फ्रेंड बोला- ठीक है… मैं और आपका हज़्बेंड है ना.
ये सुनकर मेरी वाइफ बोली- नहीं उनका नहीं, कोई तुम्हारा फ्रेंड हो जिसका लंड भी तुम्हारे जैसा लंबा मोटा हो तो उसको बुला लो.
ये सुनकर मेरा फ्रेंड बोला- ऐसा लंड तो ढूंढना पड़ेगा.
मेरी वाइफ बोली- ठीक है, जल्दी पता करना.
मेरा फ्रेंड झटका मारता हुआ बोला- ठीक है… डार्लिंग पता करता हूँ.
उस दिन वो मेरी वाइफ की चुदाई करके चला गया.
मैंने अपनी वाइफ से बोला- साली… कितने लंड लेगी अपनी चुत में… एक लंड ने तो तेरी चुत फाड़ दी.
मेरी वाइफ बोली- यार, अब उसका लंड भी मुझे छोटा लगने लगा है.
मैं बोला- इंडिया में इतने ही साइज़ का लंड मिलता है.
मेरी वाइफ बोली- आपका फ्रेंड मेरे लिए अपने से भी लंबा मोटा लंड ढूंढ कर लाएगा.
मैं बोला- ठीक है तुम्हें जो करना है, करो.
इस तरह मेरा फ्रेंड रोज आकर मेरी वाइफ की चुदाई करता और मेरी वाइफ रोज उससे पूछती कि कोई मिला या नहीं. तो मेरा फ्रेंड बोलता- भाभी, अभी ढूंढ रहा हूँ.
मेरी वाइफ बोलती कि जल्दी ढूँढो.
इसके बाद दोनों चुदाई में लग जाते.
फिर मेरा फ्रेंड 3-4 दिन तक नहीं आया तो मेरी वाइफ ने उसे फोन किया और पूछा- क्या हुआ?
मेरा फ्रेंड बोला- भाभी, मेरा एक फ्रेंड है, मैंने उससे बात की है.
मेरी वाइफ बोली- ये सब किसी को पता नहीं चलना चाहिए.
फ्रेंड बोला- ठीक है भाभी… मैं आपको कल क्लियर बता दूँगा.
मेरे फ्रेंड ने एक बात और बोली कि भाभी जो मेरा फ्रेंड है वो सरदार है.
मेरी वाइफ बोली- कोई बात नहीं… लंड तो लंबा मोटा है?
मेरा फ्रेंड बोला- हां भाभी, उसका लंड बहुत लंबा और मोटा है, आपकी चुत में जब 2 लंड एक साथ जाएंगे तो आपको भी चुदाई का मज़ा आ जाएगा.
मेरी वाइफ ने फोन काट दिया फिर अगले दिन मेरे फ्रेंड ने फोन किया और बोला- भाभी, उसने आज नाइट में आने को बोला है.
मेरी वाइफ बोली- ठीक है, आज ही ले आओ.
अब मैं आपको उसके बारे में बता दूँ. उसका नाम रंजीत है और वो मेरे फ्रेंड के पड़ोस में ही रहता है. उसकी उम्र 24 साल की है. उसका रंग गोरा है, हाईट कोई 5 फुट 9 इंच की है और वो अभी पढ़ाई कर रहा है.
उस नाइट में मेरा फ्रेंड अपने फ्रेंड को मेरे घर ले कर आ गया और मेरी वाइफ को बोला- देख लो भाभी… ये मेरा फ्रेंड है.
मेरी वाइफ उसको देखने लगी.
मेरी वाइफ ने उसे ऊपर से नीचे तक देख रही थी और उसकी नज़र उसके लंड पर टिक गई… तो फूला हुआ लंड ऊपर से ही मस्त दिख रहा था. उसकी नजर वहीं पर रुक गई.
मेरा फ्रेंड ये सब देख रहा था तो वो बोला- भाभी, आपको पहले लंड देखना है तो बताओ.
मेरी वाइफ बोली- हां पहले देखना है.
तभी रंजीत ने अपनी पेंट और अंडरवियर खोल कर अपना लंड मेरी वाइफ के सामने हिलाने लगा.
मेरी वाइफ उसका लम्बा मोटा लंड देख कर बोली- हां, बहुत लंबा मोटा है.
तभी रंजीत भी बोला- भाभी, अपनी चुत भी तो दिखाओ.
मेरी वाइफ ने अपना पेटीकोट ऊपर कर दिया और दोनों टांगें खोल कर चुत उठाते हुए बोली- लो देख लो मेरी चुत…
रंजीत हाथ लगा कर मेरी वाइफ की चुत चैक करने लगा.
मेरी वाइफ सिसिया कर बोली- अह… अभी नहीं… अभी और रात होने दो.
फिर हम चारों ने दारू पी और खाना खाया. जब तक रात के 11 बजे का टाइम हो गया था.
मेरा फ्रेंड और रंजीत बोला कि भाभी अब तो आ जाओ.
मेरी वाइफ उन दोनों के पास आ गई.
अब वो दोनों मेरी वाइफ की साड़ी उतारने लगे… फिर पेटीकोट भी खोल दिया. अब मेरी वाइफ ब्रा और पेंटी में रह गई थी. वो दोनों भी अपने कपड़े निकालने लगे. जल्द ही वो दोनों भी अंडरवियर में हो गए.
मैं दूर बैठ कर व्हिस्की का पैग लगा रहा था और एक सिगरेट का मजा ले रहा था… साथ में अपने लंड को भी सहलाता हुआ अपनी रंडी बीवी की चुदाई की लाइव ब्लू-फिल्म देख रहा था.
रंजीत मेरी वाइफ की ब्रा उतारने में लग गया. उसने मेरी वाइफ की ब्रा पेंटी उतार दी. अब मेरी वाइफ हम तीनों के सामने बिल्कुल नंगी थी.
अब रंजीत मेरी वाइफ की एक चुची अपने मुँह में ले कर चूसने लगा और दूसरी मेरे फ्रेंड के मुँह में थी. वो दोनों मेरी वाइफ की चुचियों को बुरी तरह से चूस रहे थे और मेरी वाइफ को भी मज़ा आ रहा था.
फिर मेरा फ्रेंड मेरी वाइफ की चुत चाटने लगा और मेरी वाइफ रंजीत का लंड पकड़ कर मुँह में लेने लगी.
रंजीत के लंड का टोपा बहुत मोटा था, वो मेरी वाइफ के मुँह में पूरा नहीं आया, तो वो ऊपर से ही जीभ से चाटने लगी. कुछ ही देर में रंजीत का लंड पूरा खड़ा हो गया. उसका लंड काला मूसल सा लंबा और खीरे सा मोटा रहा होगा.
अब मेरा फ्रेंड अपना लंड मेरी वाइफ के मुँह में दे कर चुसवाने लगा और रंजीत मेरी वाइफ की चुत चाटने लगा. मेरी वाइफ गरम होने लगी थी और उसकी चुत से बहुत पानी भी आने लगा था. मेरी वाइफ की सांसें बहुत तेज चल रही थीं.
मेरा फ्रेंड बोला- भाभी, पहले किसका लंड अपनी चुत में लोगी?
मेरी वाइफ बोली- पहले मैं तुम्हारा ही लूँगी. रंजीत मेरे पीछे से मेरी चुत में अपना लंड डालेगा.
अब मेरा फ्रेंड नीचे लेट गया और मेरी वाइफ उसके खड़े लंड पर धच से बैठ गई और नीचे ऊपर होने लगी. मेरा फ्रेंड भी नीचे से धक्के मारने लगा.
अब मेरी वाइफ की चुत पूरी गीली हो गई थी, तो वो रंजीत से बोली- अब तू भी अपना लंड डाल…
रंजीत ने अपना लंड मेरी वाइफ की चुत पर रख कर धक्का मारा, पर लंड चुत में नहीं गया. तो मेरी वाइफ ने रंजीत का लंड पकड़ कर अपनी चुत में सैट किया और बोली- अब धक्का दे.
रंजीत ने एक तेज धक्का मारा और उसके लंड का टोपा मेरी वाइफ की चुत में घुस गया.
मेरी वाइफ के मुँह से आवाज़ निकली- आआआह… मर गई… उई माँ बहुत दर्द हो रहा है… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… बाहर निकालो.
रंजीत बोला- भाभी अभी तो टोपा ही अन्दर गया है और आपकी चीख निकलने लगी… पूरा कैसे लोगी… अभी तो पूरा बाकी है?
उसका दर्द देख कर मैं दारू का पैग लेकर अपनी बीवी के पास गया और उसने पूरा गिलास एक सांस में ही गटक लिया.
अब मेरी वाइफ बोली- धीरे धीरे डालना, सब ले लूँगी.
रंजीत बोला- भाभी, धीरे से नहीं जाएगा आपकी चुत भी बहुत टाइट है और एक लंड पहले ही आपकी चुत में घुसा हुआ है.
मेरी वाइफ नशे में झूमते हुए बोली- ठीक है… जल्दी अन्दर करो.
रंजीत ने एक तेज धक्का मारा तो आधा ही लंड मेरी वाइफ की चुत में जा पाया. मेरी वाइफ की आँखों में आंसू आ गए.
रंजीत बोला- क्या हुआ भाभी?
मेरी वाइफ कुछ नहीं बोली, सिर्फ़ उन दोनों के बीच पड़ी रही.
फिर रंजीत ने एक तेज धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी वाइफ की चुत में घुस गया. मेरी वाइफ बेहोशी की हालत में हो गई, वो कुछ बोल नहीं पा रही थी, सिर्फ़ पड़ी रही.
कुछ देर बाद मेरी वाइफ बोली- अब धीरे धीरे धक्का मारो.
अब वे दोनों धक्का देने लगे. हर धक्के के साथ मेरी वाइफ की चीख निकल जाती.
फिर मेरी वाइफ का दर्द कुछ कम हुआ तो बोली- अब तेज धक्का मारो.
अब उन दोनों ने अपनी स्पीड तेज कर दी. मेरी वाइफ को भी अब मज़ा आने लगा. पूरे कमरे में मेरी वाइफ की चुदाई की आवाज़ आने लगी. मेरी वाइफ भी मस्त हो कर दोनों के लंड एक साथ अपनी चुत में अन्दर बाहर करवा रही थी और मस्ती भरी आवाज़ भी निकाल रही थी- आआआअह… और तेज… बहुत मज़ा आ रहा है… आआह चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चुत को दोनों मिल कर… और तेज…
तभी मेरा फ्रेंड लंड निकाल कर खड़ा हो गया और दोनों ने मेरी वाइफ को भी खड़ा कर दिया. अब उन्होंने मेरी वाइफ की दोनों टांगों को सोफे पर रख कर कुछ इस तरह सैट कर दिया कि वाइफ की चुत का छेद उन दोनों के लंड के लिए खुल गया. इसके बाद रंजीत अपना लंड मेरी वाइफ की चुत में डालने लगा और मेरा फ्रेंड वाइफ के पीछे आकर अपना लंड मेरी वाइफ की चुत में डालने लगा.
वे दोनों मेरी वाइफ की चुदाई फिर से करने लगे. मेरी वाइफ भी अपनी चुदाई का पूरा मज़ा ले कर चुदवा रही थी.
मेरे फ्रेंड ने मेरी वाइफ की दोनों टांगों को खोल क्रर अपने हाथों से मेरी वाइफ को अपने ऊपर उठा लिया और रंजीत से बोला कि अपना भी लंड इसकी चुत में डालो.
इस तरह से दोनों ने मेरी वाइफ की चुदाई चालू कर दी. मेरी वाइफ की चुत से बहुत पानी निकले रहा था, जो कि नीचे तक टपक रहा था.
फिर रंजीत नीचे लेट गया और मेरी वाइफ उसके लंड पर बैठ ऊपर नीचे होने लगी. पीछे से मेरे फ्रेंड ने भी अपना लंड मेरी वाइफ की चुत में डाल दिया. दोनों फिर से मेरी वाइफ को चोदने लगे.
मेरी वाइफ तो बहुत बार झड़ चुकी थी पर वो दोनों तो रुक ही नहीं रहे थे.
जब उनका काम हुआ तो रंजीत बोला कहां- कहां निकालूँ?
मेरी वाइफ बोली- मेरे अन्दर ही निकाल दो.
रंजीत ने 10-12 धक्कों के बाद अपना पानी मेरी वाइफ की चुत में ही निकाल दिया.
मेरी वाइफ पानी का मजा लेते हुए बोली- आह… मुझे तुम्हारे पानी से प्रेग्नेट होना है.
मेरा फ्रेंड भी बोला- भाभी मैं कहां निकालूँ.
मेरी वाइफ बोली- तू भी मेरे अन्दर ही निकल जा… तुम दोनों के माल से प्रेग्नेट होना है.
मेरे फ्रेंड ने भी मेरी वाइफ की चुत में ही अपना माल निकाल दिया. उन दोनों ने पूरी रात में बहुत बार मेरी वाइफ को चोदा और हर बार उन दोनों अपना माल मेरी वाइफ की चुत में ही निकाला.
उसके कुछ देर बाद खेल खत्म हुआ और वो दोनों फिर आने की कह कर चले गए.
अब मेरी वाइफ दो महीने से गर्भवती हो गयी थी तो वो मुझे से बोली- मुझे अपनी सफाई करवानी है.
मैंने उसकी सफाई करवा दी है.
अब भी वो दोनों रोज नाइट में मेरे घर आते हैं और मेरी वाइफ की चुत में लंड डालते हैं. मेरी वाइफ को उन दोनों ने एमसी में भी मेरी वाइफ को चोदा है. वो दुबारा गर्भवती हो गई थी तो मुझे उसकी फिर से सफाई करवानी पड़ी.
इस बार डॉक्टर ने दोबारा सेक्स करने के लिए रोका है उसने दो महीने तक सेक्स न करने की हिदायत दी है.
अब मेरी वाइफ उन दोनों को अपने पास भी नहीं आने देती है… वो बोलती है की पहले ठीक हो जाऊं तब करना.
फ्रेंड्स, कैसी लगी मेरी कहानी… ये कहानी बिल्कुल रियल है. अब मेरी वाइफ चुदवाने का पैसा भी लेती है.
मेरी अगली कहानी में मैं लिखूंगा कि मैंने अपनी वाइफ की गांड कैसे चुदवाई… ये कहानी जल्दी ही ले कर आऊंगा… तब तक आप अपने लंड हिलाओ और लड़कियां अपनी चुत में उंगली डाल कर आगे पीछे करें.

सुहागरात: मेरे पहले मिलन की रात

सुहागरात: मेरे पहले मिलन की रात














 मेरा नाम राहुल है और मैं उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 27 साल है, हाइट 5 फुट 8 इंच है.
यह कहानी मेरी सुहागरात की है. मैंने अन्तर्वासना पर आप सबकी कहानी पढ़ी तो मुझे अपनी कहानी लिखने का मन हुआ, जो मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ.
मेरी शादी मैरिज लव कम अरेंज मैरिज है.
मैं अपनी वाइफ के बारे में बता दूँ, उसका नाम सानू है और उसकी हाइट 5 फुट 6 इंच है. उसका फिगर 34-28-34 का है.. रंग एकदम गोरा है और वो दिखने में एकदम सेक्सी माल लगती है. उसे पाकर मैं बहुत खुश था.. मेरा 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड एकदम कड़क हो गया था. सुहागरात को रात 11 बजे जब मैं अपने रूम में पहुँचा तो वो बेड पर मेरा इन्तजार कर रही थी.
वैसे तो मैं पहले भी बहुत बार चुदाई कर चुका हूँ.. वो सब बाद में लिखूँगा.
उसके साथ कुछ देर तक प्यार की बातें करने का बाद सबसे पहले मैंने उसके माथे पर किस किया, जो हमारा पहला किस था. मेरे किस करते ही वो सिहर उठी और मेरे हाथ को उसने कस कर पकड़ लिया. मैंने धीरे धीरे उसे किस करना शुरू किया और उसके हाथ को सहलाना शुरू किया. वो शर्मा रही थी और सिहर रही थी.
दस मिनट तक उसके हाथ को सहलाने के बाद मैंने धीरे से उसके गले को अपने होंठों से सहलाना शुरू किया और गाल पर किस किया. गाल पर किस करते ही उसने मुझे गले से लगा लिया. इसी बीच मैंने उसकी गर्दन पर किस तेज किया और उसके बालों में हाथ फिराना चालू कर दिया.
अब मेरी दुल्हन भी धीरे धीरे गरम होने लगी थी और उसके मुँह से ‘आआअहह..’ निकल रही थी. कुछ देर ऐसे ही करने के बाद मैंने धीरे से उसकी जांघ को सहलाना शुरू किया, तो वो काँप उठी और मुझे किस करने लगी. अब उसके गाल और नेक पर किस करते करते मैंने उसे लिप किस करना शुरू किया.
वो अब तक गरम हो गई थी और मेरा साथ निभा रही थी. ये हम दोनों का पहला लिप किस था. इसी बीच मैंने उस के कपड़े उतारने शुरू किए और उसके सलवार सूट के दोनों हिस्सों को उतार दिया. वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी. वो इस वक्त बहुत शर्मा रही थी और अपने आप को अपने हाथों से ढकने का प्रयास कर रही थी. मैंने उससे अलग हो कर अपने कपड़े भी उतार दिए थे और मैं सिर्फ़ अंडरवियर में आ गया था. अंडरवियर में से मेरा 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड खड़ा उसे सलामी दे रहा था.
मैंने उसके हाथों को उसके मम्मों से हटाया और उसके होंठों पर अपने होंठ टिका कर लिप-किस करना शुरू कर दिया, साथ ही एक हाथ से उसके मम्मों को भी सहलाना शुरू कर दिया.
जैसे मैंने उसके मम्मों को हाथ लगाया, वो फिर से सिहर उठी और मुझसे जोर से गले से लग गई. उसने खुद को समर्पित कर दिया था और मैंने भी उसे अपनी नंगी छाती से चिपका लिया हम दोनों के तन की गर्मी ने एक दूसरे को प्यार का अहसास करना शुरू कर दिया था.
दस मिनट तक मैं उसे किस करता रहा और इसी बीच मैंने धीरे से उसकी ब्रा खोल दी. अब वो सिर्फ़ पेंटी में रह गई थी, उस 34 इंच के टाइट चूचे क़यामत लग रहे थे.. आह.. मैं बता नहीं सकता.. इस वक्त मुझे वो क्या मस्त माल जैसा आइटम लग रही थी.
अब उसे मैंने बेड पर चित लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर चूमने लगा. मैं उसे ऊपर से नीचे तक किस करने लगा और चाटने लगा. वो भी इतनी गरम हो गई थी कि जैसे ही मेरे होंठ उसकी चुत को चूमते, वो अकड़ जाती. उसके सारे बदन पर किस करने के बाद मैंने उसे गले से लगा लिया. वो जोर जोर से मेरी कमर पर नाख़ून चुभो रही थी और गर्दन पर किस कर रही थी. इधर मेरा लंड मेरा अंडरवियर फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो रहा था.
मैंने उसे बेड पर उल्टा लेटने को कहा और धीरे से उसकी कमर को सहलाना शुरू किया. मैंने उसके ऊपर हो कर उसके हाथों को पूरा टाइट करके पकड़ा हुआ था क्योंकि मेरे किस करते ही वो पलट कर सीधा होने की कोशिश कर रही थी. उसकी कमर को किस करने के बहाने मैंने अपना लंड उसकी गांड पर टिका दिया और उसे कमर के ऊपर किस करता रहा. इस वक्त मैं एक हाथ से साइड से उसके मम्मों को भी सहलाए जा रहा था.
कुछ मिनट उसे पूरी तरह से चाटने और किस करने के बाद, मैंने उसकी पेंटी को छुआ तो पेंटी गीली हो रही थी. मैंने पेंटी के ऊपर से ही उसकी चुत को सहलाना शुरू किया तो वो पलट कर सीधी हो गई और उसने मुझे गले से लगा लिया.
मैंने देर ना करते हुए उसे सहलाना चालू रखा और उसकी पेंटी के अन्दर हाथ डाल दिया. जैसे ही मेरे हाथ ने उसकी गरम चुत को छुआ, उसने मेरा हाथ पकड़ना चाहा, पर मैंने उसका हाथ हटा दिया.
अब वो पूरी चुदासी हो चुकी थी और जोर जोर से ‘आआअहह.. आआआहह..’ कर रही थी. उसकी सीत्कारों की आवाज़ कमरे में गूँज रही थीं. इधर मेरे लंड का हाल भी बुरा हो रहा था, लेकिन मैं बिल्कुल भी जल्दबाजी नहीं करना चाहता था. मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ा और अपने अंडरवियर के अन्दर अपने लंड पर रख दिया. लंड को छूते ही उसने अपना हाथ तेज़ी से बाहर निकाल लिया. इतने में मैंने उसकी पेंटी उतार दी और उसे पूरा नंगा कर दिया.
मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रखा और उसकी चुत में उंगली कर दी. जैसे ही उंगली थोड़ी सी अन्दर गई, वो ‘आआआ.. अहह..’ करके कराह उठी और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. मैंने उसे लिप किस किया और उसे हाथ से अपना लंड पकड़ने को कहा.
उसके लंड पकड़ने के बाद मैंने फिर से उंगली अपनी दुल्हन की चुत में डाली, इस बार उसने हाथ तो नहीं निकाला, पर आंखें बंद लीं.. ओर ‘आआह.. अहहुऊहह.. हुवह..’ करने लगी.
मैं धीरे धीरे उंगली अन्दर करता गया, आधी उंगली उसकी चुत के अन्दर चली गई थी. वो मेरे लंड को जोर से दबाने लगी.. और उंगली अन्दर ना डालने को कहने लगी. लेकिन ये भी था कि वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और ये सही टाइम था लंड अन्दर डालने का.
मैंने उसे बेड पर सीधा चित लिटाया. एक तकिया उसके सर के नीचे और एक उसकी गांड के नीचे लगा दिया. मैंने उसका सर बेड के ऊपर लगा दिया था और मैं उसकी टांगों के बीच बैठा था. मेरा 7 इंच लंबा ओर 2 इंच मोटा लंड अब मेरी जान की चुत में जाने के लिए तैयार था. मेरी जान ने बेड की चादर को पकड़ा हुआ था. मैंने अपना लंड उसकी चुत पर रखा और उस पर रगड़ना शुरू कर दिया.. जिससे वो और ज्यादा गरम हो सके और मुझे चुदाई में कोई परेशानी ना हो.
इधर वो गरम हो कर पागल हुए जा रही थी और जोर जोर से ‘आआ.. आहह उहह ऊऊहह..’ की आवाज कर रही थी.
उसे बातों में लगा कर जैसे ही मैंने थोड़ा से दबाव लगा कर लंड अन्दर डाला, तो लंड का टोपा अन्दर चला गया, पर वो चीख उठी “आआआ.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उईईई.. मर गई..’
वो अपने सर को इधर उधर करने लगी.
थोड़ी देर मैं ऐसे ही रुका रहा और उसके सर को सहलाया.. उसे प्यार किया और तसल्ली दी.
फिर कुछ देर बाद धीरे से थोड़ा सा लंड और अन्दर किया, तो वो फिर से दर्द से ‘आआअहह उहह ओहूऊ.. करने लगी और मुझे पीछे को धकेलने लगी.
वो दर्द से तड़फ कर कहने लगी- आह. बहुत दर्द हो रहा है.. प्लीज़ बाहर निकाल लो.. दर्द हो रहा है!
पर मैं उसकी बात नहीं सुनना चाहता था. दो मिनट ऐसे ही रहने के बाद मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए तो उसे कुछ आराम मिला. पर वो ‘आआ.. आआहह आह उऊहह.. करती ही रही. वो दर्द से बेचैन होकर बेड की चादर की भी खींच रही थी.
कुछ दो मिनट तक धक्के लगने के बाद ही वो झड़ गई और उसका शरीर अकड़ गया, वो उठते हुए मुझसे लिपट कर ‘आआ.. उहह..’ कर रही थी और कह रही थी- बस रहने दो बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने उसे फिर से लिटाया, प्यार से सहलाया और थोड़ा जोर से एक धक्का दे मारा जो कि चुत के पानी की वजह से अन्दर तक चला गया. वो चीख उठी ‘आ.. यईई मर गई, छोड़ दो मुझे..’
इतने मैं मैंने एक और तेज धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चुत में पेल दिया. वो दर्द से तड़फ रही थी और छूटने का प्रयास कर रही थी. मैं उसके ऊपर लेट गया और उसे प्यार से किस करने लगा.
पर वो कहां मानने वाली थी, वो तो बस ‘आह.. आहह..’ कर रही थी और मुझको पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी.. जो कि मेरे जैसे बेकाबू सांड के लिए बेकार थी.
कुछ मिनट ऐसे ही रहने के बाद मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू किए तो धीरे धीरे उसको भी मजा मिला और अब वो भी ‘आआहह उउउहह ऊओ आआईय..’ की आवाजें निकाल कर मेरा साथ देने लगी थी.
हमारी चुदाई की ‘आआहहाअ आआहह उऊहह ऊओह…’ की कामुक आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं और ठप ठप को आवाजों से चुदाई का और भी मजा आ रहा था.
इसके बाद 10-15 मिनट तक धक्के लगाने के बाद मैं झड़ा, इतनी देर में वो दो बार झड़ चुकी थी. मैं देर से इसलिए झड़ा क्योंकि एक बार में उसकी चुत में लंड डालने से पहले ही झड़ चुका था.
झड़ने के बाद मैं उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा. फिर दस मिनट तक लेटे रहने के बाद मैंने उसे उठाया और उसकी चुत और अपना लंड दोनों को साफ किया, उसकी चुत कुछ फूली हुई नज़र आ रही थी. मैंने उसे उसकी चुत दिखाई तो वो कुछ नहीं बोली.
मैंने उससे कहा कि जिस चुत में उंगली नहीं जा रही थी, उसमें इतना बड़ा लंड चला गया.
यह सुन कर वो शर्मा गई और मेरे गले से लिपट गई.
हम दोनों एक दूसरे की बांहों में लिपट कर अपनी गरम साँसों को एक दूसरे से साझा करने लगे. इस वक्त संसार का वो सुख मिल रहा था, जो सिर्फ एक पति पत्नी को ही मिलता है.
मैंने पहले भी लड़की चोदी थी, लेकिन यकीन मानिए इस रिश्ते को शायद इस असीम शान्ति के लिए ही पवित्र रिश्ता कहा जाता है.
कुछ देर बात करने के बाद मैंने उसे फिर से सहलाना शुरू किया और उस रात हम दोनों ने 3 बार चुदाई की.
तीनों बार मैंने उसकी चुत को ही चोदा, मेरा मन तो था उसकी गांड मारने का, लेकिन मैंने पहली ही रात ऐसा करना सही नहीं समझा क्योंकि अब हम दोनों को साथ में रहना था और उसकी गांड तो मैं बाद में कभी भी मार लूँगा.
मेरी सुहागरात की इस हिंदी सेक्स स्टोरी पर आपके विचारों का स्वागत है.

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